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गलत खान-पान और रहन-सहन की गलत आदतों ने कम उमà¥à¤° में बालों को सफेद करना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है. आजकल अधिकांश लोगों में 25 से 30 साल की उमà¥à¤° में ही बाल सफेद होने लगे हैं. उमà¥à¤° बढ़ने के साथ बालों का सफेद होना सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है लेकिन यंग à¤à¤œ में अगर à¤à¤¸à¤¾ हो जाठतो यह चिंता का विषय है. अगर कम उमà¥à¤° में बाल सफेद होने लगे हैं तो इसके कई कारण हो सकते हैं. गलत लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤², जीन, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£, कà¥à¤› बीमारियां, पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी जैसे कई à¤à¤¸à¥‡ कारण हैं जिनकी वजहों से कम उमà¥à¤° में बाल सफेद हो रहे हैं. दरअसल, शरीर में हेयर फॉलिकलà¥à¤¸ होते हैं. यह बहà¥à¤¤ ही छोटी थैली की तरह सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸ में पंकà¥à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§ होते हैं. हेयर फॉलिकलà¥à¤¸ में पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚ट कोशिकाà¤à¤‚ होती हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मेलेनिन कहते हैं. यही मेलेनिन बालों को उसका रंग देता है. लेकिन उमà¥à¤° के साथ ही हेयर फॉलिकलà¥à¤¸ में पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚ट कम बनने लगते हैं जिसके कारण बालों का कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ रंग बदल जाता है.
कम उमà¥à¤° में बाल सफेद होने के असली कारण
सर गंगाराम असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² नई दिलà¥à¤²à¥€ में डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के वरिषà¥à¤ कंसलà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट डॉ ऋषि पाराशर कहते हैं कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अगर 25 साल के बाद बाल सफेद हो तो इसे कोई बड़ी बीमारी नहीं मानी जा सकती है. यह आमतौर पर हेयर फॉलिकलà¥à¤¸ में जो मेलेनिन (melanin)पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚ट होता है, उसके नहीं निकलने से होता है. दरअसल, मिलेनोसोम से निकलकर मेलेनिन जब बालों के शाफà¥à¤Ÿ में नहीं आता है, तब बालों का रंग सफेद होने लगता है. इसके लिठमिलेनोसोम फटता है तà¤à¥€ मेलेनिन इससे निकलकर बालों के शाफà¥à¤Ÿ में आता है जिससे बालों का रंग काला, बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ या गोलà¥à¤¡à¤¨ होता है. इसके नहीं फटने के कई कारण हो सकते हैं. यह पॉलà¥à¤¯à¥‚शन के कारण à¤à¥€ हो सकता है और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी के कारण à¤à¥€ हो सकता है. हालांकि अधिकांश मामलों में यह जीन के कारण होता है. डॉ ऋषि पाराशर ने बताया कि कम उमà¥à¤° में बालों के सफेद होने के कई वजहें होती हैं, लेकिन जीन का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है. जेनेटिक कंडीशन में ऑटोजोमल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होता है. यानी यह माता-पिता से आता है. इसके साथ ही लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² से संबंधित कारण जैसे मेंटल पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¥à¤²à¤®, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸, सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग, डà¥à¤°à¤¿à¤‚क à¤à¥€ इसकी वजह हो सकती है. इसके साथ ही अगर आयरन की कमी हो, विटामिन बी-12 की कमी हो या विटामिन डी 3 की कमी हो तो à¤à¥€ बाल समय से पहले सफेद हो सकते हैं. थायरॉयड जैसी बीमारियों के कारण à¤à¥€ कम उमà¥à¤° में बाल सफेद हो सकते हैं.
सफेद होते बाल को रोका कैसे जाà¤
डॉ ऋषि पाराशर कहते हैं, “सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि कम उमà¥à¤° में बाल सफेद हो कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ रहे हैं. अगर ये सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸, ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न डिजीज, थायरॉयड, विटामिन बी12, डी3 की कमी से हो रहा है तो इसका पहले निदान किया जा सकता है. इसके बाद कà¥à¤› दवाइयों से इसे ठीक à¤à¥€ किया जा सकता है लेकिन अगर यह जेनेटिक कारणों से है तो बालों को सफेद होने से रोकने के बहà¥à¤¤ कम चांसेज हैं. †डॉ पाराशर ने बताया कि इसे लेकर बहà¥à¤¤ सी रिसरà¥à¤š सालों से हो रही है लेकिन दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से अà¤à¥€ तक यह सही से समà¤à¤¾ नहीं गया है कि कम उमà¥à¤° में बाल कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सफेद होते हैं. इसलिठपहले कारण तलाशने की कोशिश की जाती है कि मरीज में किस वजह से बाल सफेद हो रहे हैं.
इसका इलाज कà¥à¤¯à¤¾ है
डॉ ऋषि पाराशर ने बताया कि अगर किसी चीज की कमी से बाल सफेद हो रहे हैं, तब पहले इसका इलाज किया जाता है. अगर किसी हेलà¥à¤¥ पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¥à¤²à¤® की वजह से बाल सफेद हो रहे हैं तो उसका इलाज किया जा सकता है. अगर बालों के सफेद होने का कोई कारण पता नहीं चलता तब à¤à¤• दवाई दी जाती है लेकिन इसके साइड इफेकà¥à¤Ÿ बहà¥à¤¤ है, इसलिठबिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की सलाह से इसे नहीं ली जानी चाहिà¤. इसके अलावा à¤à¤• लीकà¥à¤µà¤¿à¤¡ वाली दवा या सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ या लोशन à¤à¥€ होता है जिसे सफेद बालों में लगाया जाता है. इसके अलावा कà¥à¤› जेल à¤à¥€ बाजार में आते हैं लेकिन इन लोशन या सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ को लेकर कोई साइंटिफिक पà¥à¤°à¥‚व नहीं है. ये सब सिरà¥à¤« दावा करते हैं लेकिन वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• तरीके से इसका कोई सतà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ नहीं हà¥à¤† है. इसलिठयह कहना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि इन दवाइयों से सफेद बाल काले हो जाà¤à¤‚गे.
बाल सफेद ही न हो, इसके लिठकà¥à¤¯à¤¾ करना होगा
सबसे पहले डाइट को सही करनी चाहिà¤. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आजकल हेलà¥à¤¦à¥€ खाना नहीं खाया जा रहा है. अगर किसी को आलू पसंद है तो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° समय वह आलू ही खाà¤à¤—ा. यह गलत तरीका है. इसके अलावा जंक फूड का चलन बढ़ा है. यह सब बालों की सेहत के लिठअचà¥à¤›à¤¾ नहीं है. इसलिठहेलà¥à¤¦à¥€ खाना चाहिà¤. हेलà¥à¤¦à¥€ खाना का मतलब सीजनल सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फà¥à¤°à¥‚ट आदि का मिला जà¥à¤²à¤¾ रूप हो, जिसमें सà¤à¥€ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का समावेश हो. आमतौर पर हरी पतà¥à¤¤à¥€à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿ, सीजनल फà¥à¤°à¥‚ट आदि का सेवन बालों के लिठबेहतर है. इसके अलावा à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ à¤à¥€ जरूरी है.
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